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कर्ज से बचने के लिए रची अपनी हत्या की साजिश, दोस्त को उतार दिया मौत के घाट

पुणे । पुणे पुलिस ने एक ऐसे हत्यकांड का पर्दाफाश किया है जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे. 52 साल के एक शख्स ने अपने एक करोड़ रुपये के कर्ज को निपटाने के लिए खुद की ही हत्या की साजिश रच दी और उसे सच साबित करने के लिए अपने ही दोस्त को बलि का बकरा बना दिया और उसकी हत्या कर दी. पुणे के पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने कहा कि 20 नवंबर को हिंजवडी पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था. जांच अधिकारी बालकृष्ण सावंत को उदांशावाली दरगाह के मौलाना ने अधजले शव और कपड़े के बारे में जानकारी दी थी.

पुलिस टीमों ने घटनास्थल से दो मोबाइल नंबर और आधे जले हुए कपड़े के साथ एक कागज भी बरामद किया. जो अधजला शव मिला था उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि व्यक्ति की मौत छुरा घोंपने की वजह से हुई थी और बाद में शव को जला दिया गया था. तीन दिनों की पूछताछ के बाद, एक व्यक्ति के पास वही मोबाइल नंबर मिला जो पुलिस ने अधजले शव के पास से बरामद किया था. पूछताछ में उस शख्स ने पुलिस को बताया कि वाईसीएम अस्पताल के बाहर एक भिखारी ने उसका नंबर मांगा था. इसके बाद पुलिस ने हिंजेवडी और पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र के आसपास से लापता लोगों के बारे में जानकारी हासिल की और ऐसे लोगों के आवासों के पास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की स्क्रीनिंग शुरू की.

इस बीच, एक पुलिस टीम ने वाईसीएम अस्पताल के गेट के बाहर एक लापता भिखारी के बारे में पुष्टि की. आस-पास के सीसीटीवी फुटेज ने पुष्टि की कि लापता भिखारी और वक्कड़ क्षेत्र के एक लापता व्यक्ति को एक-दूसरे से बात करते हुए देखा गया था. पुलिस को तब शक हुआ कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे दो लोगों में से एक ने ही दूसरे की हत्या की होगी. इस बीच लापता व्यक्ति के सूटकेस से एक नोट भी बरामद हुआ जिसमें उन 7-8 लोगों के नामों का उल्लेख किया गया था जिन्हें लापता होने या हत्या होने की स्थिति में संभावित दोषी ठहराया गया था.

कर्ज से बचने के लिए रची अपनी हत्या की साजिश
पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि लापता व्यक्ति महबूब दस्तगीर शेख है. उसने लोगों से करीब 80 लाख रुपये का उधार लिया था. इसके बाद पुलिस को उसपर शक हो गया कि शेख ने उसी कर्जे से मुक्ति पाने के लिए अपनी मौत की साजिश रची.पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने आखिरकार दाउद रेलवे स्टेशन पर 52 वर्षीय शेख का पता लगाने में कामयाबी हासिल कर ली. उसकी पत्नी ने ही वाकाड पुलिस के पास एक गुमशुदगी दर्ज करवाई थी. हालांकि वो पुलिस को यह नहीं बता पाई थी कि उसका पति कब और कहां से लापता हुआ था.

कर्ज से बचने के लिए रची अपनी हत्या की साजिश
जांच के दौरान, महबूब शेख ने खुलासा किया कि उसने अपने दोस्त संदीप पुंडलिक मैनकर की हत्या की योजना बनाई थी. मेहबूब शेख संदीप को अपनी बाइक से अलग-अलग स्थानों पर ले गया. वहीं एक जगह उसने अपने दोस्त की चाकू से हत्या कर दी और फिर बानर क्षेत्र में उदांशावाली दरगाह के पास शव को जला दिया.जांच में यह भी सामने आया कि महबूब शेख के खिलाफ थाने में पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए थे. हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट ने पांच दिनों के पुलिस रिमांड में भेज दिया है.

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